फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित कार्यक्रमों में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नवाचार विशेषज्ञों तथा भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत की उपलब्धियों, तकनीकी प्रगति और वैश्विक भूमिका को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। यह दौरा केवल एक कूटनीतिक औपचारिकता नहीं था, बल्कि भारत और फ्रांस के बीच उभरती हुई विशेष रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने का अवसर भी था।
भारत की उपलब्धियों का उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज का भारत केवल वैश्विक समाधानों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि समाधान प्रदान करने वाला देश बन चुका है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों को रेखांकित किया।
डिजिटल क्रांति और डिजिटल इंडिया
मोदी ने बताया कि भारत ने डिजिटल भुगतान, डिजिटल पहचान और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। भारत की यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) प्रणाली दुनिया के लिए एक मॉडल बन गई है। देश में प्रतिदिन करोड़ों डिजिटल लेन-देन हो रहे हैं, जिससे पारदर्शिता और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है।
स्टार्टअप और नवाचार
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत विश्व के सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम में से एक बन चुका है। हजारों स्टार्टअप कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), फिनटेक, स्वास्थ्य, कृषि और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “इनोवेशन इज़ इन इंडिया’स डीएनए”, अर्थात नवाचार भारत के स्वभाव का हिस्सा है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) में नेतृत्व
पेरिस के औद्योगिक मंचों पर प्रधानमंत्री ने भारत को एआई और उभरती प्रौद्योगिकियों का वैश्विक केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि भारत तकनीक का उपयोग केवल व्यवसाय के लिए नहीं, बल्कि मानव कल्याण और समावेशी विकास के लिए करना चाहता है।
युवा शक्ति और प्रतिभा
मोदी ने भारत की युवा आबादी को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय युवा वैज्ञानिक, इंजीनियर, शोधकर्ता और उद्यमी विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं तथा भविष्य की तकनीकों को आकार दे रहे हैं।
अंतरिक्ष और विज्ञान
प्रधानमंत्री ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले अंतरिक्ष मिशनों का संचालन कर रहा है और अब मानव अंतरिक्ष मिशन की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
भारत-फ्रांस सहयोग के नए आयाम
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और फ्रांस रक्षा, अंतरिक्ष, एआई, डिजिटल तकनीक, शिक्षा एवं अनुसंधान, व्यापार एवं निवेश, जलवायु परिवर्तन तथा स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में व्यापक सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को लगभग दोगुना कर 32 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
बोंजूर मोदी कार्यक्रम में भारतीय समुदाय का उत्साह
पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अनेक विषयों पर अपने विचार रखे। उनके सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम का नाम बोंजूर मोदी अर्थात नमस्कार मोदी रखा गया था।
इस अवसर पर भारतीय समुदाय के लोगों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की 140 करोड़ जनता की ताकत है, जिसने “एक चाय वाले को यहां तक पहुंचाया है।”
भारत-अमेरिका द्विपक्षीय वार्ता
फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता को भारत-अमेरिका संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लगभग 16 महीनों बाद दोनों नेताओं की यह प्रत्यक्ष मुलाकात ऐसे समय में हुई, जब व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और वैश्विक सुरक्षा जैसे कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच गहन चर्चा की आवश्यकता थी।
व्यापार समझौते पर जोर
बैठक के दौरान सबसे प्रमुख विषय भारत-अमेरिका व्यापार समझौता रहा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि दोनों देश एक बड़े व्यापार समझौते के बहुत करीब हैं और वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को “कड़ा लेकिन प्रभावी वार्ताकार” तथा “विश्वसनीय मित्र” बताया। ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का फ्रांस दौरा और जी-7 शिखर सम्मेलन में उनकी सक्रिय भागीदारी भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका का स्पष्ट संकेत है। पेरिस में भारत की तकनीकी, आर्थिक और वैज्ञानिक उपलब्धियों का प्रभावी प्रस्तुतीकरण तथा फ्रांस और अमेरिका के साथ रणनीतिक संवाद यह दर्शाता है कि भारत अब वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और नवाचार के केंद्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
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