जून का महीना खगोल विज्ञान प्रेमियों के लिए बेहद खास रहने वाला है। इस महीने चंद्रमा, ग्रहों और उल्कापिंडों से जुड़ी कई रोचक खगोलीय घटनाएं देखने को मिलेंगी। खास बात यह है कि इसी महीने वर्ष का सबसे लंबा दिन आता है और प्रसिद्ध स्ट्रॉबेरी मून भी दिखाई देता है।
मंगल, चंद्रमा और शनि का सुंदर संयोग – 11 जून
11 जून को मंगल, चंद्रमा और शनि एक साथ आकाश में दिखाई देंगे। यह दुर्लभ दृश्य रात के समय देखने को मिलेगा। दूरबीन या छोटे टेलीस्कोप की सहायता से इस खगोलीय नजारे का आनंद और भी बेहतर तरीके से लिया जा सकेगा।
अमावस्या – 15 जून
15 जून को अमावस्या होगी। इस दिन चंद्रमा दिखाई नहीं देगा, जिससे आकाश अपेक्षाकृत अधिक अंधकारमय रहेगा। यही समय आकाशगंगा, तारामंडलों और दूरस्थ खगोलीय पिंडों के अवलोकन के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
वर्ष का सबसे लंबा दिन – 21 जून
21 जून को ग्रीष्म अयनांत (Summer Solstice) होगा। यह उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होती है। इस समय पृथ्वी का उत्तरी भाग सूर्य की ओर सबसे अधिक झुका रहता है, जिसके कारण दिन की अवधि बढ़ जाती है।
भारत में 21 जून को सूर्य लगभग 13 घंटे या उससे अधिक समय तक क्षितिज के ऊपर रहता है। दिल्ली जैसे शहरों में दिन की अवधि लगभग 13 घंटे 58 मिनट तक पहुंच जाती है। मध्य भारत में भी दिन लगभग 13 घंटे से अधिक का रहता है।
कब होता है 13 घंटे का दिन?
भारत के अधिकांश उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में जून के मध्य से लेकर जून के अंतिम सप्ताह तक दिन की अवधि 13 घंटे से अधिक रहती है। 21 जून के आसपास यह अवधि अपने अधिकतम स्तर पर पहुंच जाती है।
जून बूटिड उल्कावृष्टि – 27 जून
27 जून के आसपास जून बूटिड (June Bootids) उल्कावृष्टि सक्रिय रहेगी। हालांकि यह उल्कावृष्टि हर वर्ष समान रूप से प्रभावशाली नहीं होती, लेकिन अनुकूल परिस्थितियों में कई टूटते तारे दिखाई दे सकते हैं। शहरों की रोशनी से दूर खुले स्थान पर इसका बेहतर अवलोकन किया जा सकता है।
स्ट्रॉबेरी मून – 29 जून
जून की सबसे चर्चित खगोलीय घटना स्ट्रॉबेरी मून है, जो 29 जून को दिखाई देगा। यह जून महीने की पूर्णिमा को दिया गया पारंपरिक नाम है। इसका नाम उत्तरी अमेरिका में स्ट्रॉबेरी की फसल पकने के मौसम से जुड़ा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि चंद्रमा वास्तव में गुलाबी या लाल दिखाई देगा।
इस वर्ष स्ट्रॉबेरी मून विशेष माना जा रहा है क्योंकि यह ग्रीष्म अयनांत के केवल आठ दिन बाद आएगा। चंद्रमा क्षितिज के निकट रहने के कारण सुनहरा, नारंगी या हल्की लालिमा लिए हुए दिखाई दे सकता है, जिससे उसका दृश्य और भी आकर्षक लगेगा।
मंगल और प्लेयडीज तारागुच्छ की नजदीकी
महीने के अंतिम दिनों में मंगल ग्रह प्रसिद्ध प्लेयडीज (सेवन स्टार) तारागुच्छ के निकट दिखाई देगा। दूरबीन या छोटे टेलीस्कोप से यह दृश्य अत्यंत मनमोहक और आकर्षक लगेगा।
जून 2026: खगोल प्रेमियों के लिए यादगार महीना
जून 2026 खगोल प्रेमियों के लिए यादगार महीना साबित हो सकता है। 9 जून को शुक्र-बृहस्पति की युति, 15 जून की अमावस्या, 21 जून को वर्ष का सबसे लंबा दिन, 27 जून की बूटिड उल्कावृष्टि और 29 जून का शानदार स्ट्रॉबेरी मून इस महीने के प्रमुख आकर्षण हैं।
यदि मौसम साफ रहा तो भारत के अधिकांश हिस्सों से ये घटनाएं आसानी से देखी जा सकेंगी। इसलिए जून की रातों में कुछ समय आकाश को देखने के लिए अवश्य निकालिए। संभव है कि ब्रह्मांड आपको कोई ऐसा नज़ारा दिखा दे, जिसे आप जीवन भर याद रखें।
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